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Uttarakhand News: बर्फ नहीं पिघलने से निम्न स्तर पर बिजली उत्पादन, यूजेवीएनएल के सामने मुश्किल खड़ी
Fri, 08 May 2026 11:11 AM IST
Renu Saklani
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Fri, 08 May 2026 11:11 AM IST
सार
ग्लेशियर न पिघलने के कारण उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड का बिजली उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। इस बार मई के महीने तक बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इस कारण नदियों का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गर्मियों के महीने में ग्लेशियर न पिघलने के कारण उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) का बिजली उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। हालात यह हैं कि जिन दिनों में आमतौर पर बिजली उत्पादन 1.9 से 2.2 करोड़ यूनिट तक पहुंच जाता है, वहां अब 1.2 करोड़ यूनिट से ऊपर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
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यूजेवीएनएल अपने पीक समय में 2.7 से 2.8 करोड़ यूनिट तक बिजली उत्पादन प्रतिदिन करता है। सर्दियों में बर्फबारी के कारण नदियों का जल स्तर कम हो जाता है। इससे बिजली उत्पादन भी प्रभावित होता है। जैसे-जैसे मौसम गर्म होता है, वैसे ही ग्लेशियर पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगता है।
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15 मई के बाद मौसम थोड़ा गर्म होने पर उत्पादन बढ़ेगा
इससे यूजेवीएनएल का उत्पादन बढ़ना शुरू हो जाता है। इस बार मई के महीने तक बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इस कारण नदियों का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा। हालात यह हैं कि यूजेवीएनएल का उत्पादन 1.2 से 1.3 करोड़ यूनिट तक ही जा रहा है। हालांकि पिछले महीने कुछ गर्मी बढ़ने पर बिजली उत्पादन 1.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया था।
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यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एके सिंह का कहना है कि पहाड़ों में मौसम ठंडा है, जिस कारण नदियों का जलस्तर नहीं बढ़ रहा। लिहाजा, बिजली उत्पादन नहीं बढ़ रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 मई के बाद मौसम थोड़ा गर्म होने पर उत्पादन बढ़ेगा।