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सतेड़ा की मढै़या में भीषण आग, 59 झोपड़ियां जलकर राख
हसनपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2017 01:05 AM IST
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अाग से जले घर
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कोतवाली क्षेत्र के गांव सतेड़ा की मढै़या में बुधवार शाम करीब चार बजे अचानक छप्पर के घरों में आग लग गई। एक के बाद एक छप्पर का घर जलता रहा। गांव को जाने के लिए सीधा रास्ता ना होने की वजह से दमकल कर्मी समय से गांव नहीं पहुंच पाए। जिस वजह से गांव के करीब 59 घर जलकर राख हो गए।
आग से 25 पशु जिंदा जलकर मर गए, जबकि चालीस से ज्यादा पशु बुरी तरह से झुलस गए। अमरोहा के साथ हापुड़ का प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। दमकल कर्मियों ने तीन घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गांव में हाहाकार मचा हुआ है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सतेड़ा के कुछ लोग कई साल पहले गंगापार टापू में जाकर बस गए थे। छप्पर के घर बनाकर रहना शुरू कर दिया। खेतीबाड़ी के साथ धीरे-धीरे वहां सैकड़ों लोग छप्पर डालकर रहने लगे। बुधवार शाम करीब चार बजे आग की चिंगारी एक छप्पर पर गिर गई।
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देखते ही देखते आग भगदड़ गई। एक के बाद एक लगातार घरों में आग फैलती गई। गांव के कुछ लोगों ने प्रशासन को मामले की जानकारी दी, लेकिन गांव तक जाने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं होने के कारण कोई समय पर नहीं पहुंच पाया। यही कारण रहा कि दमकल कर्मी भी दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे।
तीन घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन जब तक करीब 59 घर जलकर पूरी तरह से राख हो गए। इसके अलावा 25 पशु जिंदा जलकर मर गए। जबकि करीब चालीस से भी ज्यादा पशु बुरी तरह से झुलस गए।
भीषण आग की सूचना पर पुलिस अधीक्षक डा. एसएस चनप्पा भी मौके पर पहुंच गए। हसनपुर एसडीएम गंभीर सिंह, तहसीलदार अमित भारतीय ने गांव पहुंचकर घटना का मुआयना किया। उधर, हापुड़ प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया।
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आग से 25 पशु जिंदा जलकर मर गए, जबकि चालीस से ज्यादा पशु बुरी तरह से झुलस गए। अमरोहा के साथ हापुड़ का प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। दमकल कर्मियों ने तीन घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गांव में हाहाकार मचा हुआ है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव सतेड़ा के कुछ लोग कई साल पहले गंगापार टापू में जाकर बस गए थे। छप्पर के घर बनाकर रहना शुरू कर दिया। खेतीबाड़ी के साथ धीरे-धीरे वहां सैकड़ों लोग छप्पर डालकर रहने लगे। बुधवार शाम करीब चार बजे आग की चिंगारी एक छप्पर पर गिर गई।
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देखते ही देखते आग भगदड़ गई। एक के बाद एक लगातार घरों में आग फैलती गई। गांव के कुछ लोगों ने प्रशासन को मामले की जानकारी दी, लेकिन गांव तक जाने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं होने के कारण कोई समय पर नहीं पहुंच पाया। यही कारण रहा कि दमकल कर्मी भी दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे।
तीन घंटे कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन जब तक करीब 59 घर जलकर पूरी तरह से राख हो गए। इसके अलावा 25 पशु जिंदा जलकर मर गए। जबकि करीब चालीस से भी ज्यादा पशु बुरी तरह से झुलस गए।
भीषण आग की सूचना पर पुलिस अधीक्षक डा. एसएस चनप्पा भी मौके पर पहुंच गए। हसनपुर एसडीएम गंभीर सिंह, तहसीलदार अमित भारतीय ने गांव पहुंचकर घटना का मुआयना किया। उधर, हापुड़ प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया।