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कर्नाटक: आंध्र प्रदेश कैडर के एक आईएएस अधिकारी समेत तीन अन्य पर बंगलूरू में एफआईआर दर्ज, क्या है आरोप?
Tue, 13 Oct 2026 02:31 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, बंगलूरू, कर्नाटक
पीटीआई, बंगलूरू, कर्नाटक
Published by: अमन मौर्या
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:31 PM IST
सार
बंगलूरू के एक पब में देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर के साथ बदसलूकी और मारपीट के आरोप में आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी विकास मरमत समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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कर्नाटक पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
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आंध्र प्रदेश कैडर के एक आईएएस अधिकारी समेत तीन अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक पब में देर रात की चेकिंग के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर और उनके साथियों के साथ बदसलूकी और मारपीट की। यह घटना 10 अक्तूबर को देर रात करीब 1.30 बजे हुई। शहर के कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन इलाके के एक पब में अचानक चेकिंग की जा रही थी। पुलिस ने बताया कि पिछले छह महीनों से सीसीबी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन स्क्वाड के साथ काम कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर ने आईएएस अधिकारी विकास मरमत और तीन अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत में क्या है आरोप?
एफआईआर के अनुसार, यह चेकिंग नौ अक्तूबर को बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर के आदेश पर की गई थी। आदेश में कब्बन पार्क और अशोक नगर पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बार और रेस्टोरेंट में देर रात संदिग्ध लोगों की जांच करने को कहा गया था। इंस्पेक्टर, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन इलाके के एक पब में गए। जब वे ग्राहकों की उम्र की पुष्टि के लिए उनके पहचान पत्र देख रहे थे, तो चार लोगों ने कथित तौर पर एक मामूली बात पर उनसे झगड़ा शुरू कर दिया और उन्हें व उनके साथियों को अपशब्द कहे। शिकायत में विकास मरमत, अभय उदयसिंह, निथिश और रोशन के नाम शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर को उनके सरकारी काम में बाधा डाली, पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और मारपीट की और उन्हें धमकाया।
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किन धाराओं में एफआईआर हुआ दर्ज?
पुलिस ने बताया कि इन चारों के खिलाफ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 132 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच चल रही है।
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शिकायत में क्या है आरोप?
एफआईआर के अनुसार, यह चेकिंग नौ अक्तूबर को बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर के आदेश पर की गई थी। आदेश में कब्बन पार्क और अशोक नगर पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बार और रेस्टोरेंट में देर रात संदिग्ध लोगों की जांच करने को कहा गया था। इंस्पेक्टर, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन इलाके के एक पब में गए। जब वे ग्राहकों की उम्र की पुष्टि के लिए उनके पहचान पत्र देख रहे थे, तो चार लोगों ने कथित तौर पर एक मामूली बात पर उनसे झगड़ा शुरू कर दिया और उन्हें व उनके साथियों को अपशब्द कहे। शिकायत में विकास मरमत, अभय उदयसिंह, निथिश और रोशन के नाम शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर को उनके सरकारी काम में बाधा डाली, पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और मारपीट की और उन्हें धमकाया।
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किन धाराओं में एफआईआर हुआ दर्ज?
पुलिस ने बताया कि इन चारों के खिलाफ कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 132 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच चल रही है।