महाराष्ट्र: पालघर में हैवानियत, मासूम के दुष्कर्मी पिता को 20 साल जेल; आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
'महाराष्ट्र में 7.9 लाख मतदाताओं का अंतर', आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग (ईसीआई) पर निशाना साधते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। नई दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए आदित्य ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता रिकॉर्ड में कथित आंकड़ों की गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कथित रूप से गायब मतदाताओं के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए और अपने आरोपों के समर्थन में कुछ आंकड़ों का हवाला दिया। शुक्रवार को मुंबई में पत्रकारों के सवाल के जवाब में आदित्य ने कहा, 'मैं 'गोलमाल ग्यानू' (मुख्य चुनाव आयुक्त के संदर्भ में) द्वारा की गई पहली बड़ी हेराफेरी का खुलासा कर रहा हूं। महाराष्ट्र में 7.9 लाख मतदाताओं का अंतर है। चुनाव आयोग ने मई में एक आंकड़ा जारी किया और अगस्त में उससे बिल्कुल अलग आंकड़ा जारी कर दिया। 'गोलमाल ग्यानू' को बताना चाहिए कि ये मतदाता कहां गए। उन्हें राज्य में अचानक पांच लाख मतदाताओं के गायब होने पर जवाब देना चाहिए।' उन्होंने कुछ विशेष विधानसभा क्षेत्रों में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। ठाकरे ने कहा कि भिवंडी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता रिकॉर्ड एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े आंकड़ों से मेल नहीं खाते। उन्होंने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े चल रहे कानूनी विवाद का भी उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि इस मामले में अंततः निष्पक्ष फैसला आएगा।
देश की समुद्री सीमाओं को अभेद्य बनाने की दिशा में भारतीय नौसेना को एक बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। माहे क्लास के तीसरे स्वदेशी एंटी-सबमरीन (पनडुब्बी-रोधी) वॉरफेयर शैलो वाटर क्रॉफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) युद्धपोत 'मंगरोल' 12 अक्तूबर को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इसे कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने तैयार किया है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार में 'इसे आपातकाल कहने की हिम्मत नहीं है'। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया क्योंकि पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए सीजेपी नेता अभिजीत दिपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और लगभग 3 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। दिपके और सीजेपी के दो अन्य नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका, को मुंबई से उनकी उड़ान के राष्ट्रीय राजधानी में उतरते ही विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया गया। ठाकरे ने एक्स पोस्ट पर कहा कि सरकार में अभी भी इसे आपातकाल कहने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं (जिनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल थीं) की पुलिस वाहन में हिरासत में लिए जाने की एक तस्वीर भी साझा की।
एयर पॉल्यूशन को लेकर नवी मुंबई नगर निकाय ने दी सख्त चेतावनी
नवी मुंबई नगर निगम ने शनिवार को चेतावनी दी कि एयर पॉल्यूशन से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स के खिलाफ 'काम रोकने' और 'सीलिंग' की कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी नगर निगम प्रमुख कैलाश शिंदे द्वारा शहरी योजनाकारों, कार्यकारी इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स, बिल्डर्स और डेवलपर्स के साथ एक हाई-लेवल जॉइंट मीटिंग करने के बाद दी गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हवा की क्वालिटी खराब न हो। शिंदे ने कहा, "सर्दियों में पॉल्यूशन का बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले मरीजों पर बुरा असर पड़ता है। बिल्डर्स को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ एक बिजनेस नहीं, बल्कि एक सामाजिक कर्तव्य के तौर पर देखना चाहिए।" एक अधिकारी ने बताया कि धूल और पॉल्यूशन से निपटने के लिए नगर निकाय ने जरूरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू किए हैं। इसमें कंस्ट्रक्शन और धूल को दबाने के लिए पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक शामिल है, और नियमों का उल्लंघन करने पर साइट को तुरंत सील कर दिया जाएगा।
ठाणे शहर की पुलिस ने एक महिला को उसके परिवार से मिलाया है, जो बचपन में खो गई थी और 24 साल से उनसे दूर थी। महिला के हाथ पर बने टैटू की मदद से यह संभव हो पाया। पुलिस ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उन्होंने 'ऑपरेशन शोध-5' नाम के एक खास ऑपरेशन के तहत 30 साल की भारती अश्रू कदम के परिवार का पता लगाया। पुलिस के मुताबिक, भारती 2002 में नवी मुंबई में अपने मामा के घर जाते समय परिवार से बिछड़ गई थी। बाद में सीबीडी बेलापुर पुलिस को वह मिली और उसे एक शेल्टर होम में रखा गया, जहां वह बड़ी हुई, उसकी शादी हुई और उसने जान्हवी वैभव जांभरे नाम अपना लिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके बाद भारती अपने दो बच्चों के साथ सोलापुर में बस गई, लेकिन अपने असली परिवार को खोजने की इच्छा कभी खत्म नहीं हुई। उसके परिवार ने, जिसमें उसके भाई प्रकाश और विजय और बहन शालिनी शामिल थे, उसे खोजने में कई साल बिता दिए थे। यहां तक कि विजय ने कुछ पक्की जानकारी न होने के बावजूद दिल्ली और हरियाणा की यात्रा भी की थी। शुक्रवार को भारती ने मदद के लिए ठाणे पुलिस की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट से संपर्क किया। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि उसने मदद के लिए ठाणे पुलिस से संपर्क क्यों किया। पुलिस के पुराने रिकॉर्ड, गुमशुदा लोगों की जानकारी और 2002 की वोटर लिस्ट को एक साथ जोड़कर, और साथ ही उसके हाथ पर बने उस टैटू का अहम सुराग इस्तेमाल करके, जिस पर उसका जन्म का नाम 'भारती अश्रू कदम' लिखा था, टीम ने उसके भाई-बहनों का पता लगा लिया।