न्यूज डायरी: अहमदाबाद में नाले में गिरी दृष्टिबाधित बच्ची; केरलम के शिक्षक को 23 साल बाद मिलेगा मुआवजा
गुजरात के अहमदाबाद में करीब 10 साल की एक दृष्टिबाधित बच्ची शनिवार शाम तेज बहाव वाले गहरे नाले में गिर गई। रविवार को दूसरे दिन भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना पिराना लैंडफिल साइट के पास देव होटल के नजदीक हुई। बच्ची अपनी मां के साथ ऑटोरिक्शा से उतरी थी। उस समय उसकी मां किराया दे रही थीं, तभी बच्ची नाले में गिर गई। नरोली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर जे.बी. अग्रावत ने बताया कि घटना के बाद से बच्ची की तलाश की जा रही है।
तेज पानी के कारण बचाव अभियान में आ रही मुश्किलें
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 4:15 बजे आपातकालीन कॉल मिलने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया। पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण बचावकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दमकलकर्मियों ने सांस लेने वाले सुरक्षा उपकरणों की मदद से गहरे चैंबर में उतरकर बच्ची को तलाशा। उन्होंने तलाशी के लिए उपकरणों के साथ लंबे बांस का भी इस्तेमाल किया, लेकिन पानी का तेज बहाव उसे बहाकर ले गया। दमकल विभाग के अधिकारी एम.डी. पांडेय ने आशंका जताई कि बच्ची पानी के साथ नाले में आगे तक बह गई होगी। इसी वजह से अब उसकी तलाश साबरमती नदी के आसपास भी की जा रही है।
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के नेय्याट्टिनकरा में व्हाट्सएप अनइंस्टॉल करने पर छह साल की बेटी को पीटने वाली मां के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की है। आयोग ने घटना के संबंध में परस्साला थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और जिला बाल संरक्षण अधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा है। पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह की है। बच्ची ने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप अनइंस्टॉल कर दिया था। बाद में एप दोबारा इंस्टॉल करने के बावजूद संदेश डिलीट मिले तो उसकी मां नाराज हो गई और बच्ची की पिटाई कर दी। चोट लगने के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि बच्ची को घर में खेलते समय चोट लगी है। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान देखकर डॉक्टर ने उससे अलग से बात की। इस दौरान बच्ची ने मां की ओर से पीटे जाने की बात बताई। पुलिस ने मां को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रकाश राजपुरोहित उप चुनाव आयुक्त विवेक खरे एनटीए के संयुक्त सचिव
सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विपक्ष के प्रदर्शन के बीच केंद्र ने बड़े पैमाने पर अफसरों के फेरबदल किए
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों की तरफ से जारी प्रदर्शन के बीच केंद्र सकार ने शनिवार को प्रकाश राजपुरोहित को उप चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। आईटीएस अधिकारी विवेक खरे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में संयुक्त सचिव बनाया गया है। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, राजस्थान कैडर के 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी राजपुरोहित को संजय कुमार की जगह 8 अप्रैल, 2030 तक के कार्यकाल के लिए उप चुनाव आयुक्त पद पर नियुक्त किया गया है। विवेक खरे 1996 बैच के इंडियन टेलीकॉम सर्विस (आईटीएस) अधिकारी हैं।
27 लोकसेवकों की नियुक्ति
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने संयुक्त सचिव और उसके बराबर के स्तर पर 27 लोकसेवकों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। रवि शंकर, चित्तरंजन डैश, पी मनोज कुमार और अभिषेक भगोटिया को गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। मोहम्मद वाई सफिरुल्ला के और रितु शर्मा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव होंगे। असम-मेघालय कैडर की 2009 बैच की आईएएस अधिकारी वर्नाली डेका को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। आशीष माधोराओ मोरे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे।
सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस बीबी नागरत्ना ने जुवेनाइल जस्टिस (किशोर न्याय) कानून के जमीनी क्रियान्वयन में गंभीर कमियों और खामियों पर चिंता व्यक्त की है। इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देशभर में 55,000 से अधिक बच्चे फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड्स (जेेजेबी) के सामने 55% मामले लंबित हैं। नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की जुवेनाइल जस्टिस कमेटी और यूनिसेफ के एक कार्यक्रम में जसि्टस नागरत्ना ने कहा कि जब कोई बच्चा कानून तोड़ता है, तो कानून को उस बच्चे को नहीं तोड़ना चाहिए। देश के 470 जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड्स में से 111 बोर्ड बिना पूरी बेंच के काम कर रहे हैं, यानी वहां प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट या दो सामाजिक कार्यकर्ता सदस्यों के पद खाली पड़े हैं।
तमिलनाडु में सेलम के पास मेट्टूर बांध के जलमग्न क्षेत्र तेलुंगनूर में खोदाई के दौरान काले और लाल रंग की एक साबुत प्राचीन कटोरा मिला है। इसके साथ ही लोहे के हथियार, तांबे की वस्तुएं और एक संभावित स्टील की तलवार भी निकला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज 3200 साल से भी अधिक पुरानी लेखन प्रणाली या लिपि से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है। तमिलनाडु पुरातत्व विभाग द्वारा खोजे गए गई इस कटोरे पर बाएं से दाएं पांच ग्राफिती अंकित हैं। राज्य में अब तक मिली कलाकृतियों पर दर्ज निशानों में यह सबसे लंबी श्रृंखला है।
केरलम सरकार ने 2003 के मुथंगा आदिवासी भूमि आंदोलन के दौरान पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किए गए शिक्षक केके सुरेंद्रन को 12.5 लाख रुपये मुआवजा देने की मंजूरी दी है। करीब 23 साल तक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले सुरेंद्रन को यह रकम अदालत के आदेश के अनुसार दी जाएगी। राज्य के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का कहना है कि सरकार ने मामले में आगे अपील नहीं करने का फैसला किया है। साथ ही, इसके लिए जिम्मेदार दो पुलिस अधिकारियों की निजी संपत्ति से रकम वसूलने को कहा गया है। सुरेंद्रन ने 15,00,647 रुपये के मुआवजे की मांग की थी।