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रेलवे: गंदगी, पानी की कमी की शिकायत पर मिनटों में होगी कार्रवाई; वंदे भारत समेत इन ट्रेनों में बदलेगी व्यवस्था
Tue, 13 Oct 2026 04:54 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 13 Oct 2026 04:54 PM IST
सार
रेलवे इस व्यवस्था में डिजिटल निगरानी का भी इस्तेमाल करेगा। जियो-टैगिंग के जरिये सफाई से जुड़े कामों की पुष्टि की जाएगी। कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : IANS
विस्तार
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भारतीय रेलवे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की पांच ट्रेनों में सफाई और यात्री सुविधाएं बेहतर करने की पहल की है। इनमें दो वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इन ट्रेनों में कोच की नियमित सफाई होगी। वॉशरूम की स्वच्छता पर ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों को चादर और बिस्तर की चादरें समय पर दी जाएंगी। साथ ही, यात्रियों की शिकायतों पर दो घंटे के भीतर कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अनुसार, इन पांच ट्रेनों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये सफर के दौरान साफ-सफाई, स्वच्छता और यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इस पहल को शुरू करने वाला पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, भारतीय रेलवे का दूसरा जोन बन गया है। इससे पहले उत्तर रेलवे ने यह व्यवस्था लागू की थी।
इन पांच ट्रेनों में मिलेगी सुविधा:
- 22233/22234: न्यू जलपाईगुड़ी-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस
- 22227/22228: न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस
- 12518/12517: गुवाहाटी-कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस
- 15946/15945: डिब्रूगढ़-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस
- 12552/12551: कामाख्या-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस
गुवाहाटी-कोलकाता गरीब रथ और दोनों वंदे भारत ट्रेनों में यह व्यवस्था शनिवार से शुरू हो गई है। डिब्रूगढ़-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस में रविवार से इसकी शुरुआत हुई। वहीं, कामाख्या-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस में यह सुविधा 14 अक्तूबर से शुरू करने की योजना है।
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कोच और वॉशरूम की सफाई पर रहेगा ध्यान
इन ट्रेनों में नियमित रूप से कोच की सफाई की जाएगी। एसी कोच की खिड़कियां भी साफ की जाएंगी। वॉशरूम की स्वच्छता और कचरे के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष टीमें यात्रियों को बिस्तर की चादरें समय पर देंगी और यात्रा के दौरान उन्हें वापस भी लेंगी। कोच में पानी की उपलब्धता पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर छोटी-मोटी तकनीकी सहायता भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य खासकर लंबी दूरी की यात्रा को साफ और आरामदायक बनाना है।
दो घंटे में शिकायत पर कार्रवाई का लक्ष्य
रेलवे ने मुताबिक, इस व्यवस्था की खास बात शिकायतों पर दो घंटे के भीतर कार्रवाई का लक्ष्य है। ट्रेन में तैनात टीमें यात्रियों की शिकायतें सुनेंगी। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर नहीं हो सकेगा, उन्हें संबंधित रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, दो घंटे की समयसीमा शिकायत पर कार्रवाई के लिए तय की गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर शिकायत का पूरी तरह समाधान इसी अवधि में हो जाएगा।
डिजिटल निगरानी से जांची जाएगी सफाई
रेलवे इस व्यवस्था में डिजिटल निगरानी का भी इस्तेमाल करेगा। जियो-टैगिंग के जरिये सफाई से जुड़े कामों की पुष्टि की जाएगी। कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। रेलवे के अनुसार, यात्रियों की तत्काल प्रतिक्रिया, स्टार रेटिंग और एआई आधारित सफाई आकलन से भी सेवाओं की गुणवत्ता जांची जाएगी। इससे सफाई व्यवस्था और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अनुसार, इन पांच ट्रेनों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये सफर के दौरान साफ-सफाई, स्वच्छता और यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इस पहल को शुरू करने वाला पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, भारतीय रेलवे का दूसरा जोन बन गया है। इससे पहले उत्तर रेलवे ने यह व्यवस्था लागू की थी।
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इन पांच ट्रेनों में मिलेगी सुविधा:
- 22233/22234: न्यू जलपाईगुड़ी-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस
- 22227/22228: न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस
- 12518/12517: गुवाहाटी-कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस
- 15946/15945: डिब्रूगढ़-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस
- 12552/12551: कामाख्या-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस
गुवाहाटी-कोलकाता गरीब रथ और दोनों वंदे भारत ट्रेनों में यह व्यवस्था शनिवार से शुरू हो गई है। डिब्रूगढ़-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस में रविवार से इसकी शुरुआत हुई। वहीं, कामाख्या-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस में यह सुविधा 14 अक्तूबर से शुरू करने की योजना है।
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कोच और वॉशरूम की सफाई पर रहेगा ध्यान
इन ट्रेनों में नियमित रूप से कोच की सफाई की जाएगी। एसी कोच की खिड़कियां भी साफ की जाएंगी। वॉशरूम की स्वच्छता और कचरे के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष टीमें यात्रियों को बिस्तर की चादरें समय पर देंगी और यात्रा के दौरान उन्हें वापस भी लेंगी। कोच में पानी की उपलब्धता पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर छोटी-मोटी तकनीकी सहायता भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य खासकर लंबी दूरी की यात्रा को साफ और आरामदायक बनाना है।
दो घंटे में शिकायत पर कार्रवाई का लक्ष्य
रेलवे ने मुताबिक, इस व्यवस्था की खास बात शिकायतों पर दो घंटे के भीतर कार्रवाई का लक्ष्य है। ट्रेन में तैनात टीमें यात्रियों की शिकायतें सुनेंगी। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर नहीं हो सकेगा, उन्हें संबंधित रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, दो घंटे की समयसीमा शिकायत पर कार्रवाई के लिए तय की गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर शिकायत का पूरी तरह समाधान इसी अवधि में हो जाएगा।
डिजिटल निगरानी से जांची जाएगी सफाई
रेलवे इस व्यवस्था में डिजिटल निगरानी का भी इस्तेमाल करेगा। जियो-टैगिंग के जरिये सफाई से जुड़े कामों की पुष्टि की जाएगी। कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। रेलवे के अनुसार, यात्रियों की तत्काल प्रतिक्रिया, स्टार रेटिंग और एआई आधारित सफाई आकलन से भी सेवाओं की गुणवत्ता जांची जाएगी। इससे सफाई व्यवस्था और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।