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कासगंज: अनामिका प्रकरण के बाद चार और शिक्षकों की डिग्री फर्जी मिली, शिक्षा विभाग में खलबली

Fri, 26 Jun 2020 12:36 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 26 Jun 2020 12:36 AM IST
सार

  • एक शिक्षिका कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात, अन्य तीन परिषदीय स्कूलों में कर रहे नौकरी
  • बीएसए ने सत्यापन कराने के बाद किया फर्जीवाड़े का खुलासा, नोटिस जारी

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fake degree of four more teachers in Kasganj after Anamika Shukla case
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कासगंज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले थम नहीं रहे हैं। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद चार और शिक्षकों के बीएड के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। इनमें परिषदीय स्कूल की दो शिक्षिकाएं, एक शिक्षक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की एक शिक्षिका शामिल हैं। 
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इन सभी के मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने गुरुवार को फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया। सभी को विधिक कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। फर्जीवाड़े के एक साथ चार प्रकरण सामने आने से पूरे महकमे में खलबली मची हुई है।
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वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री के आधार पर जिले में नौकरी हासिल कर चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच एसआईटी (विशेष जांच दल) ने जांच की, लेकिन कई शिक्षक ऐसे पाए गए जो एसआईटी की सूची में शामिल ही नहीं थे। 
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कॉलेज शुरू हुआ 2006, डिग्री 2004 की

बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से वर्ष 2004-05 की बीए डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों का ब्यौरा तलब किया। अब तक चार शिक्षकों का ब्यौरा मिला, जो एसआईटी सूची में शामिल नहीं थे। यह सभी उम्मेदपुर महाविद्यालय एटा से वर्ष 2004-05 के डिग्रीधारक थे। 

बीएसए ने गंजडुंडवारा और अमांपुर के खंड शिक्षाधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर इनकी जांच कराई। जिसमें पाया गया कि उम्मेदपुर महाविद्यालय में बीएड डिग्री का शैक्षिक सत्र 2006 से शुरू हुआ, जबकि यह एक साल पहले की जालसाजी के आधार पर इस महाविद्यालय की डिग्री हासिल कर चुके थे। 

उधर, अमांपुर के प्राथमिक विद्यालय तैय्यबपुर में तैनात देवकी रानी, शेरपुर विद्यालय में तैनात राजेश कुमारी और पहाड़पुर कटरा विद्यालय पर तैनात देवेंद्र के दस्तावेजों के सत्यापन में पाया गया है कि इनकी बीएड सत्र 2004 -05 की  डिग्रियां फर्जी हैं। इन सभी ने वर्ष 2014 में शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की है। 
 

रजनी ने वर्ष 2018 में पाई नौकरी

इसके साथ ही केजीबीवी फरौली में तैनात पूर्णकालिक शिक्षिका रजनी ने वर्ष 2018 में नौकरी हासिल की। इनकी डिग्री भी फर्जी है। इन सभी को बीएसए ने विधिक कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिया है। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है।

बीएसए अंजली अग्रवाल ने बताया कि परिषदीय स्कूल की दो शिक्षिकाओं, एक शिक्षक और कस्तूरबा विद्यालय की एक शिक्षिका की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई है। इन सभी को विधिक कार्रवाई के लिए नोटिस दे दिया गया है। इस प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। 


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