साउथ सिनेमा के युग में एक ऐसी हीरोइन हुई जिसने अपने लिए
स्टारडम की ऐसी इबारत लिखी कि हर किसी ने सलाम किया..हर किसी को इस
हीरोइन पर गर्व था क्योंकि ये उम्मीद से आगे बढ़कर हर किसी की मदद करती थी, लेकिन आखिरी दिनों में इस हीरोइन को ऐसी सजा मिली जिसके बारे में कोई भी जानेगा तो रो देगा।
साउथ की देवी बन गई थी ये हीरोइन, लोगों ने उठाया इतना फायदा कि....
ये हीरोइन थीं सावित्री जिन्होंने साउथ सिनेमा के अलावा हिंदी फिल्मों में भी अपनी एक अमिट पहचान बनाई थी। बेहद कम ऐसे स्टार होते हैं जो करियर के बीच आने वाली रुकावटों का दिलेरी से सामना करते हैं और अपने लिए रास्ता बनाते हैं और उन्हीं में से एक थीं सावित्री। एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरु करने वाली सावित्री को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था...कई फिल्मों से तो उन्हें निकाल भी दिया गया। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार सावित्री ने वो मुकाम हासिल कर ही लिया जो आज तक उनके बाद कोई भी हीरोइन हासिल नहीं कर पाई।
साउथ की देवी बन गई थी ये हीरोइन, लोगों ने उठाया इतना फायदा कि....
सावित्री साउथ फिल्म की एक कद्दावर अभिनेत्री बन चुकीं थीं..एक ऐसी अभिनेत्री जिनके स्टारडम के आगे धीरे-धीरे सभी फेल होने लगे। समय का पहिया ऐसा घूमा कि सावित्री ने उस दौर की हर हीरोइन को पीछे छोड़ दिया। वो ना सिर्फ एक हीरोइन थीं, बल्कि वो एक बेहतरीन डांसर, निर्दशक और प्रोड्यूसर भी थीं। सावित्री को राष्ट्रपति सम्मान से लेकर कई और अवॉर्ड्स से नवाजा गया।
साउथ की देवी बन गई थी ये हीरोइन, लोगों ने उठाया इतना फायदा कि....
एक तरफ जहां सावित्री का टैलेंट लोगों के दिलों पर राज कर रहा था वहीं दूसरी ओर उनका मदद करने का अंदाज लोगों पर जादू कर रहा था। अपने किए कामों की वजह से सावित्री को साउथ सिनेमा की देवी माना जाने लगा। सावित्री को जितना शौक आलीशान तरीके से रहने का था, उतना ही शौक उन्हें दूसरों की मदद करने का भी था। वो खूब बढ़-चढ़कर प्रॉपर्टी और जूलरी खरीदतीं और खूब बढ़-चढ़कर जरूरतमंदों की मदद करतीं। सावित्री का अंदाज ऐसा था कि अगर किसी को उनकी कोई चीज़ या साड़ी तक पसंद आ जाती तो वो उसे भी दे देतीं।
साउथ की देवी बन गई थी ये हीरोइन, लोगों ने उठाया इतना फायदा कि....
सावित्री बड़े दिलवाली थीं और सभी को इसका पता था। लेकिन कुछ लोगों ने उनके इसी रवैये का फायदा उठाया और सावित्री के आखिरी दिनों तक उनसे पैसे मांगने चले आए। लेकिन सावित्री ने कभी आनाकानी नहीं की और दिल खोलकर जिसको जितने पैसों की जरूरत होती, दे देतीं। सावित्री के पास पैसे खत्म हो रहे थे, लेकिन उन्होंने उसकी परवाह नहीं की।