'आप तो इंसान हैं, दुनिया की सबसे नायाब और समझदार कृति। हम बेजुबानों को मारकर आपको क्या मिलता है।'
पहले महाराष्ट्र के वासिम जिले के एक गांव में बेजुबान लंगूर को पीट-पीटकर मार डाला गया। इसके बाद अब मुझे भी बेरहमी से पीटा गया। जानवर तो हम लोगों को कहा जाता है लेकिन ये जो घिनौनी हरकतें हो रहीं हैं, ये कम से कम इंसानों को तो शोभा नहीं देतीं। सोमवार को कानपुर में शरारती लोगों द्वारा बुरी तरह से पीटे गए लंगूर की हालत कुछ यही बयां कर रही है। युवक ने उसे पीट कर लहूलुहान कर दिया। सिर और मुंह पर इतनी जोर से मारा कि उसे दिखना बंद हो गया। दर्द से कराहता लंगूर कभी यहां बैठता तो कभी वहां। कभी किसी के पैर पकड़ता तो कभी किसी के। मोहल्ले के ही दो युवकों ने उसकी मरहम पट्टी करके वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों को सूचना दी। इसके बाद लंगूर को कानपुर रायपुरवा स्थित पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
धूप सेंक रहा था लंगूर
कानपुर छेदी सिंह का पुरवा में सोमवार दोपहर को एक लंगूर धूप सेंक रहा था। पास में ही कुछ बंदर भी उत्पात मचा रहे थे। मोहल्ले वालों के दौड़ाने पर बंदर तो भाग निकले, लेकिन सीधे स्वभाव का लंगूर वहीं बैठा रहा। तभी मोहल्ले के एक युवक ने लंगूर को डंडों और पत्थर से पीटना शुरू कर दिया। उसके मुंह और सिर पर इतनी जोर से मारा कि मुंह फट गया, खून बहने लगा।
शरारती युवक वहां से भाग निकला
मोहल्ले वालों के विरोध करने पर शरारती युवक वहां से भाग निकला लेकिन लंगूर बुरी तरह घायल हो चुका था। दिखना बंद हो जाने से वह वह इधर उधर गिरता-पड़ता आता-जाता रहा। इसके बाद मोहल्ले के ही धर्मेंद्र और राकेश गौड़ ने उसका प्राथमिक इलाज किया। उनकी सूचना पर घंटों बाद पहुंची वन विभाग की टीम लंगूर को पशु चिकित्सालय ले गई।
यह है इंसानियत
4 of 7
घायल बंदर को पानी पिलाकर इंसानियत पेश करता लड़का
एक तरफ एक युवक ने लंगूर को पीटकर बुरी तरह से घायल कर दिया। वहीं दूसरी तरफ मोहल्ले के ही दो युवकों ने इंसानियत का परिचय दिया।
घायल लंगूर का प्राथमिक उपचार किया
5 of 7
घायल बंदर का प्राथमिक उपचार करता युवक
कपड़े से लंगूर का खून पोछा फिर घायल लंगूर का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद पानी पिलाया।