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गुजरात: गांधीनगर निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा, कांग्रेस ने बढ़ाई अपनी सीटें; आप का कैसा रहा प्रदर्शन?
Tue, 13 Oct 2026 05:11 PM IST
अमन मौर्या
आईएएनएस, गांधीनगर, गुजरात
आईएएनएस, गांधीनगर, गुजरात
Published by: अमन मौर्या
Updated Tue, 13 Oct 2026 05:11 PM IST
सार
गांधीनगर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 44 में से 38 सीटें जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखा है। वहीं, कांग्रेस ने पांच सीटें हासिल कीं, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) का खाता नहीं खुला और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई।
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गुजरात निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गांधीनगर नगर निगम (जीएमसी) पर अपना दबदबा बनाए रखा है। निकाय चुनाव में भाजपा ने 44 में से 38 सीटें जीतीं। वहीं, कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई और 2021 की दो सीटों के मुकाबले इस बार पांच सीटें हासिल कीं। जबकि, आम आदमी पार्टी (आप) (जिसने पिछले चुनाव में एक सीट जीती थी) इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। चुनाव में बची हुई एक सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती। मंगलवार को घोषित नतीजों में भाजपा को राज्य की राजधानी के निकाय में स्पष्ट बहुमत मिला, हालांकि 2021 के चुनाव में जीती गई 41 सीटों के मुकाबले इस बार उसे तीन सीटें कम मिली हैं।
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कांग्रेस को कहां हुआ फायदा?
कांग्रेस को मुख्य रूप से वार्ड छह में फायदा हुआ, जहां उसके चारों सदस्यों का पैनल चुना गया और वार्ड सात में भी, जहां उसने एक सीट जीती, फायदा हुआ। भाजपा ने नौ वार्डों में सभी चार सीटें और वार्ड सात में चार में से तीन सीटें जीतीं, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार ने वार्ड दो में एक सीट हासिल की। चुनाव 11 वार्डों की 44 सीटों के लिए हुआ, जिसमें 130 उम्मीदवार मैदान में थे। वोटिंग 11 अक्तूबर को हुई थी, जिसमें 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव में कुल 2,59,985 रजिस्टर्ड वोटरों में से 1,54,045 ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। वार्ड चार में सबसे ज्यादा 74.78 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि वार्ड पांच में सबसे कम 48.63 प्रतिशत मतदान हुआ।
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वोटों की गिनती मंगलवार सुबह नौ बजे शुरू हुई। वार्ड एक में भाजपा ने सभी चार सीटें जीतीं। जीतने वाले उम्मीदवार थे- शिल्पाबेन ठाकोर (6,366 वोट), अंजनाबेन मेहता (5,998 वोट), गौरंग पटेल (7,485 वोट) और महेशकुमार चौधरी (5,743 वोट)। वार्ड दो में भाजपा ने तीन सीटें जीतीं। अनिलसिंह वाघेला को 7,768 वोट, अरविंदजी ठाकोर को 6,480 और सोनलबेन वाघेला को 4,933 वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार दीपिकाबेन वाघेला ने 4,909 वोटों के साथ चौथी सीट जीती।
भाजपा ने वार्ड तीन में भी शानदार जीत हासिल की, जहां अंकित बारोट को 5,581 वोट, उमेशभाई जाहा को 4,920, सोनालीबेन पटेल को 4,539 और मित्तलबेन खिमसुरिया को 4,400 वोट मिले। पार्टी ने वार्ड चार की सभी चार सीटें भी जीतीं। यहां जसपालसिंह बिहोला को 8,177 वोट, जोसनाबेन ठाकोर को 7,719, मित्तलबेन वाघेला को 7,172 और रूपसिंह ठाकोर को 7,006 वोट मिले। वार्ड पांच में भाजपा के चार विजेता थे- कन्हैयालाल देसाई (3,991 वोट), किंजलकुमार पटेल (3,936 वोट), हेमाबेन भट्ट (3,934 वोट) और ध्वनि शाह (3,893 वोट)। कांग्रेस ने वार्ड छह में पूरी तरह से जीत हासिल की। कर्मजीतसिंह वाघेला 4,729 वोटों के साथ जीते, उनके बाद मेघना रबारी (4,469 वोट), मेहुलकुमार राठौड़ (4,422 वोट) और हंसाबेन निनामा (3,957 वोट) रहे। वार्ड सात से भाजपा के तीन और कांग्रेस के एक उम्मीदवार जीते। किंजलबेन ठाकोर 7,306 वोटों के साथ, सोनलबेन वाघेला 7,044 वोटों के साथ और शैलेशकुमार पटेल 6,870 वोटों के साथ जीते। कांग्रेस उम्मीदवार नागिनभाई नादिया को 6,130 वोट मिले।
भाजपा ने वार्ड आठ की सभी चार सीटें जीतीं। इसमें अमिता उपाध्याय को 9,405 वोट मिले। मेहुलभाई पटेल, 9,344; मनीषा प्रजापति, 8,762 और विष्णुजी ठाकोर, 8,405। वार्ड नौ में भाजपा के जीतने वाले उम्मीदवार थे जयंतीभाई डाभी (8,964 वोट), महेंद्रभाई पटेल उर्फ दास (8,950 वोट), वैदेही रावल (8,930 वोट) और शारदाबेन ठाकोर (8,636 वोट)। भाजपा ने वार्ड 10 में भी जीत हासिल की, जहां गौरवंगभाई पटेल को 11,175 वोट, तन्वी पटेल को 10,639, धर्मेंद्रकुमार नाई को 9,827 और विलासबा वाघेला को 9,607 वोट मिले। वार्ड 11 में भाजपा के चार विजेता थे- कामुबेन ठाकोर (9,804 वोट), जसवंतलाल पटेल (9,530 वोट), सेजलबेन परमार (9,271 वोट) और रवि पटेल (9,030 वोट)।
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पिछला नतीजा कैसा रहा?
नतीजों के बाद भाजपा के पास 38 सीटें, कांग्रेस के पास पांच और एक निर्दलीय उम्मीदवार के पास एक सीट है, जबकि कॉर्पोरेशन में आप का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 41 सीटें, कांग्रेस ने दो और आप ने एक सीट जीती थी। इसलिए, ये नतीजे भाजपा के बहुमत को और मजबूत करते हैं और साथ ही गांधीनगर की नगरपालिका राजनीति में कांग्रेस की थोड़ी वापसी को भी दिखाते हैं।
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कांग्रेस को कहां हुआ फायदा?
कांग्रेस को मुख्य रूप से वार्ड छह में फायदा हुआ, जहां उसके चारों सदस्यों का पैनल चुना गया और वार्ड सात में भी, जहां उसने एक सीट जीती, फायदा हुआ। भाजपा ने नौ वार्डों में सभी चार सीटें और वार्ड सात में चार में से तीन सीटें जीतीं, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार ने वार्ड दो में एक सीट हासिल की। चुनाव 11 वार्डों की 44 सीटों के लिए हुआ, जिसमें 130 उम्मीदवार मैदान में थे। वोटिंग 11 अक्तूबर को हुई थी, जिसमें 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव में कुल 2,59,985 रजिस्टर्ड वोटरों में से 1,54,045 ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। वार्ड चार में सबसे ज्यादा 74.78 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि वार्ड पांच में सबसे कम 48.63 प्रतिशत मतदान हुआ।
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वोटों की गिनती मंगलवार सुबह नौ बजे शुरू हुई। वार्ड एक में भाजपा ने सभी चार सीटें जीतीं। जीतने वाले उम्मीदवार थे- शिल्पाबेन ठाकोर (6,366 वोट), अंजनाबेन मेहता (5,998 वोट), गौरंग पटेल (7,485 वोट) और महेशकुमार चौधरी (5,743 वोट)। वार्ड दो में भाजपा ने तीन सीटें जीतीं। अनिलसिंह वाघेला को 7,768 वोट, अरविंदजी ठाकोर को 6,480 और सोनलबेन वाघेला को 4,933 वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार दीपिकाबेन वाघेला ने 4,909 वोटों के साथ चौथी सीट जीती।
भाजपा ने वार्ड तीन में भी शानदार जीत हासिल की, जहां अंकित बारोट को 5,581 वोट, उमेशभाई जाहा को 4,920, सोनालीबेन पटेल को 4,539 और मित्तलबेन खिमसुरिया को 4,400 वोट मिले। पार्टी ने वार्ड चार की सभी चार सीटें भी जीतीं। यहां जसपालसिंह बिहोला को 8,177 वोट, जोसनाबेन ठाकोर को 7,719, मित्तलबेन वाघेला को 7,172 और रूपसिंह ठाकोर को 7,006 वोट मिले। वार्ड पांच में भाजपा के चार विजेता थे- कन्हैयालाल देसाई (3,991 वोट), किंजलकुमार पटेल (3,936 वोट), हेमाबेन भट्ट (3,934 वोट) और ध्वनि शाह (3,893 वोट)। कांग्रेस ने वार्ड छह में पूरी तरह से जीत हासिल की। कर्मजीतसिंह वाघेला 4,729 वोटों के साथ जीते, उनके बाद मेघना रबारी (4,469 वोट), मेहुलकुमार राठौड़ (4,422 वोट) और हंसाबेन निनामा (3,957 वोट) रहे। वार्ड सात से भाजपा के तीन और कांग्रेस के एक उम्मीदवार जीते। किंजलबेन ठाकोर 7,306 वोटों के साथ, सोनलबेन वाघेला 7,044 वोटों के साथ और शैलेशकुमार पटेल 6,870 वोटों के साथ जीते। कांग्रेस उम्मीदवार नागिनभाई नादिया को 6,130 वोट मिले।
भाजपा ने वार्ड आठ की सभी चार सीटें जीतीं। इसमें अमिता उपाध्याय को 9,405 वोट मिले। मेहुलभाई पटेल, 9,344; मनीषा प्रजापति, 8,762 और विष्णुजी ठाकोर, 8,405। वार्ड नौ में भाजपा के जीतने वाले उम्मीदवार थे जयंतीभाई डाभी (8,964 वोट), महेंद्रभाई पटेल उर्फ दास (8,950 वोट), वैदेही रावल (8,930 वोट) और शारदाबेन ठाकोर (8,636 वोट)। भाजपा ने वार्ड 10 में भी जीत हासिल की, जहां गौरवंगभाई पटेल को 11,175 वोट, तन्वी पटेल को 10,639, धर्मेंद्रकुमार नाई को 9,827 और विलासबा वाघेला को 9,607 वोट मिले। वार्ड 11 में भाजपा के चार विजेता थे- कामुबेन ठाकोर (9,804 वोट), जसवंतलाल पटेल (9,530 वोट), सेजलबेन परमार (9,271 वोट) और रवि पटेल (9,030 वोट)।
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पिछला नतीजा कैसा रहा?
नतीजों के बाद भाजपा के पास 38 सीटें, कांग्रेस के पास पांच और एक निर्दलीय उम्मीदवार के पास एक सीट है, जबकि कॉर्पोरेशन में आप का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 41 सीटें, कांग्रेस ने दो और आप ने एक सीट जीती थी। इसलिए, ये नतीजे भाजपा के बहुमत को और मजबूत करते हैं और साथ ही गांधीनगर की नगरपालिका राजनीति में कांग्रेस की थोड़ी वापसी को भी दिखाते हैं।